महाशिवरात्रि 2026 का उल्लास और श्रद्धा का संगम
2026 में महाशिवरात्रि का त्योहार पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु मध्यरात्रि से ही मंदिरों में पहुंचने लगे हैं, जहां भगवान शिव के भक्तों ने अपने-अपने तरीके से पूजा-अर्चना की। उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में तड़के 2:30 बजे भस्म आरती के साथ 44 घंटे का निर्बाध दर्शन शुरू हुआ, वहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती और पुष्पवर्षा के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। देश के विभिन्न कोनों में शिवभक्ति की अनूठी झलक देखने को मिली, जिसमें हल्दी अनुष्ठान, जलाभिषेक, रेत कला और शोभायात्राएं शामिल हैं। इन सभी आयोजनों के बीच ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे, जो आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत मेल दर्शाते हैं।
शिवभक्तों के लिए विशेष धार्मिक आयोजन और भव्य जलाभिषेक
देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। गुजरात के जूनागढ़ में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर पूजा की, वहीं जम्मू के शंभू महादेव मंदिर, अयोध्या के नागेश्वर धाम और झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में हजारों भक्तों ने जलाभिषेक किया। दिल्ली के श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ (छतरपुर) और गौरी शंकर मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर, अमृतसर के शिवाला बाग भैयां मंदिर और अलीगढ़ के खेरश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा धाम में पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इन मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष आरतियों के साथ पूजा का आयोजन हुआ।
उज्जैन और वाराणसी में शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के 2:30 बजे कपाट खोलकर भस्म आरती का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान महाकाल का जल से अभिषेक, केसर और चंदन का उबटन, पंचामृत से श्रृंगार और भांग व सूखे मेवों से दिव्य श्रृंगार किया गया। सबसे खास पल तब आया जब मंदिर की लाइटें बंद कर दी गईं और दीपों की रोशनी में बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप का दर्शन कराया गया। श्रद्धालु इस दृश्य को देखकर भाव-विभोर हो गए। वहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं का दर्शन शुरू हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इन दोनों धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है, और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।










