खजुराहो में भारत का सबसे बड़ा एयरबेस बनाने की योजना
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो को जल्द ही देश के सबसे बड़े वायु सेना (IAF) बेस की सौगात मिलने जा रही है। यह नया एयरबेस भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट और सैन्य विमानों के संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की शुरुआत कर दी है।
आधारभूत संरचना और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
खजुराहो एयरपोर्ट के पास लगभग एक हजार एकड़ जमीन का चयन किया गया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो अगले वर्ष से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यह एयरबेस न केवल फाइटर जेट के लिए बल्कि सैन्य विमानों के लिए भी एक रणनीतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की भूमिका
मध्य प्रदेश के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष और खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के सांसद विष्णु दत्त शर्मा (वी डी शर्मा) ने इस संदर्भ में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि खजुराहो एयरपोर्ट के बेहतर उपयोग के लिए उन्होंने लगातार रक्षा मंत्री से मुलाकात की है। शर्मा का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत होंगी।
सर्वेक्षण और क्षेत्रीय महत्व
हाल ही में देश के चार एयरपोर्ट्स का सर्वे किया गया था, जिनमें प्रयागराज, झांसी और ग्वालियर शामिल हैं। इस सर्वे में खजुराहो एयरपोर्ट को सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माना गया है। सांसद वी डी शर्मा का कहना है कि इस परियोजना के प्रारंभिक चरण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जो न केवल खजुराहो बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव
खजुराहो में नए एयरबेस के निर्माण से क्षेत्र की रणनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टियों से महत्ता में जबरदस्त वृद्धि होने की उम्मीद है। यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ ही देश की सैन्य क्षमताओं को भी मजबूत करेगी।











