खरगोन में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया
खरगोन जिले में प्रशासन की गंभीर चूक के कारण एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इस लापरवाही के चलते महेश्वर की जनपद पंचायत की सीईओ रीना चौहान को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना का मुख्य कारण यह था कि अधिकारियों ने गलत जानकारी के आधार पर गलत वार्ड में उपचुनाव करवा दिया। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद, इंदौर (Indore) के कमिश्नर सुदाम खाड़े ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया।
गलत जानकारी के कारण उपचुनाव का निरस्त होना
महेश्वर की जनपद पंचायत में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उपचुनाव को रद्द करना पड़ा। दरअसल, वार्ड नंबर 7 के पंचायत सदस्य मोहन मकवाले का आकस्मिक निधन हो गया था। इसके बाद, जिला निर्वाचन कार्यालय को 30 सितंबर 2025 को सूचना दी गई कि वार्ड 9 रिक्त है, जबकि वास्तविकता में वार्ड 7 खाली था। इस गलती के कारण, उपचुनाव 15 दिसंबर को तय किया गया था, और सभी प्रक्रिया वार्ड 9 के लिए पूरी की गई। भाजपा ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए अजय सिंह बारिया का नाम तय किया। बारिया ने एक ही फॉर्म जमा किया, जो दोपहर 3 बजे तक प्राप्त हुआ।
प्रशासनिक लापरवाही और कार्रवाई
जब 3 बजकर 20 मिनट पर एक और फॉर्म जमा हुआ, तो रिटर्निंग अधिकारी ने इसे समय समाप्त होने का हवाला देते हुए लौटा दिया। इसके बावजूद, बारिया और उनके समर्थकों ने उन्हें निर्विरोध विजेता मान लिया। विधिवत घोषणा 16 दिसंबर को होनी थी, लेकिन इससे पहले ही पता चला कि वार्ड 7 रिक्त है और उपचुनाव वार्ड 9 में कराए जा रहे हैं। इस लापरवाही के प्रकाश में आने पर, जिला पंचायत के सीईओ आकाश सिंह ने अभय सिंह बारिया का निर्वाचन रद्द कर दिया। साथ ही, दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। ‘आजतक’ ने इस मामले को प्रमुखता से दिखाया था, जिसमें सीईओ रीना चौहान ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी। इंदौर (Indore) के कमिश्नर सुदाम खाड़े ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, चौहान को निलंबित कर मुख्यालय भेज दिया है।










