मध्य प्रदेश के खरगोन में उपचुनाव में हुई बड़ी गलती
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में महेश्वर जनपद पंचायत के वार्ड उपचुनाव के दौरान एक महत्वपूर्ण त्रुटि सामने आई है, जिसने पूरे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण वार्ड क्रमांक 7 की जगह वार्ड क्रमांक 9 में उपचुनाव कराए गए। जब चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई और एक उम्मीदवार निर्विरोध विजेता घोषित हो गया, तभी प्रशासन को गलती का पता चला। इसके तुरंत बाद चुनाव को रद्द कर दिया गया और दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। अब इस मामले में नई प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
गलती कैसे हुई और चुनाव क्यों रद्द किया गया
महेश्वर की जनपद पंचायत में कर्मचारियों की अनदेखी के कारण उपचुनाव को निरस्त करना पड़ा। दरअसल, वार्ड क्रमांक 7 के सदस्य मोहन मकवाले का आकस्मिक निधन हो गया था, जिसकी जानकारी 30 सितंबर 2025 को जिला निर्वाचन कार्यालय को दी गई। उस समय यह बताया गया कि वार्ड क्रमांक 9 खाली हो गया है, जबकि असल में वार्ड 7 खाली था। इस गलती के कारण सभी चुनावी प्रक्रिया वार्ड 9 के लिए पूरी कर ली गई। भाजपा ने एक उम्मीदवार का नाम तय किया, अजय सिंह बारिया, जिन्होंने एक ही फॉर्म जमा किया। दोपहर 3 बजे तक एक ही फॉर्म प्राप्त हुआ, लेकिन 3 बजकर 20 मिनट पर एक और फॉर्म आया, जिसे रिटर्निंग अधिकारी ने समय समाप्त होने का हवाला देकर लौटा दिया।
समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कोई दूसरा फॉर्म नहीं आया, जिससे अभय सिंह बारिया की निर्विरोध जीत मान ली गई। समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और बधाई दी, लेकिन 16 दिसंबर को घोषणा से पहले ही पता चला कि चुनाव गलत वार्ड में हो चुका है। इस लापरवाही के कारण जिला पंचायत सीईओ ने अभय सिंह का निर्वाचन रद्द कर दिया और दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
आगे की कार्रवाई और उम्मीदवार का बयान
निर्विरोध विजेता अभय सिंह बारिया का कहना है कि वह वार्ड 7 से निर्विरोध चुने गए थे। उन्होंने कहा, “मैंने पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यह क्यों हुआ, इसकी जानकारी नहीं थी। मैंने वार्ड 7 के लिए ही फॉर्म भरा था, और सभी कर्मचारियों ने भी यही प्रक्रिया देखी थी। अब दोबारा चुनाव कराना पड़ेगा, लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि चुनाव आयोग मेरी जीत को मानेंगे।” वहीं, महेश्वर की सीईओ रीना चौहान ने बताया कि गलती कर्मचारी की ओर से हुई है, जिन्होंने गलत जानकारी भेज दी। इस मामले में दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
रिटर्निंग ऑफिसर और तहसीलदार कैलाश सस्तिया ने भी कहा कि गलत जानकारी भेजने के कारण चुनाव निरस्त कर दिया गया है। भाजपा नेता विक्रम पटेल ने भी कहा कि उनके समर्थक अभय बारिया को समर्थन देते हैं और उन्हें निर्विरोध चुना गया है। अब नई प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि सही तरीके से चुनाव हो सके।











