मध्य प्रदेश में ट्रेन के वॉशरूम में जज की पत्नी की दुखद मौत
रेल यात्रा आमतौर पर सुरक्षित और आरामदायक मानी जाती है, लेकिन कभी-कभी यात्रियों के साथ घटने वाली अप्रत्याशित घटनाएं सभी को चौंका देती हैं। ऐसी ही एक घटना मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में सामने आई है, जिसने पूरे रेलवे नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है। यहां चलती ट्रेन के वॉशरूम में एक महिला की मौत हो गई, जो एक जज की पत्नी थीं। इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि पति को काफी देर तक यह पता नहीं चल पाया कि उनकी पत्नी ट्रेन के अंदर ही जीवन की जंग हार चुकी हैं।
साइलेंट हार्ट अटैक से महिला की मौत, जांच जारी
यह घटना कांचीगुड़ा–भगत की कोठी एक्सप्रेस (Kanchiguda–Bhagat ki Kothi Express) में हुई, जहां यात्रा के दौरान महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संभवतः उन्हें साइलेंट हार्ट अटैक आया, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजस्थान के निंबाहेड़ा (Nimbahera, Rajasthan) से जज राजकुमार चौहान अपनी पत्नी उषा चौहान के साथ जोधपुर (Jodhpur) से निंबाहेड़ा लौट रहे थे। दोनों का रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था, इसलिए वे अलग-अलग डिब्बों में यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य तरीके से चल रही थी, और रास्ते में दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी होती रही।
प्लेटफॉर्म पर पत्नी का इंतजार और फिर खोजबीन
जैसे ही ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन (Nimbahera Station) पहुंची, जज राजकुमार चौहान अपने डिब्बे से उतरकर पत्नी का इंतजार करने लगे। उन्हें उम्मीद थी कि उषा चौहान भी अपने कोच से उतरकर प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगी। लेकिन समय बीतने के बावजूद वह नहीं आईं। पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद वह दूसरे दरवाजे से उतर गई होंगी या फिर सामान लेने में देरी हो रही होगी। जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला, तो चिंता बढ़ने लगी।
राजकुमार चौहान ने तुरंत प्लेटफॉर्म पर आसपास की तलाश शुरू की, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच ट्रेन आगे बढ़ चुकी थी। घबराए जज ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने ट्रेन की जानकारी जुटाई और आगे के स्टेशन पर अलर्ट किया। मंदसौर (Mandsaur) स्टेशन पर ट्रेन रुकवाकर जांच की गई, लेकिन उषा चौहान का कोई पता नहीं चला।
इसी दौरान पुलिस ने महिला के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कराई, जिससे पता चला कि फोन अभी भी उसी ट्रेन में है। इससे संकेत मिला कि महिला शायद ट्रेन से नहीं उतरी हैं और किसी डिब्बे में ही मौजूद हो सकती हैं। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने ट्रेन को जावरा (Javara) स्टेशन पर रुकवाया और उस कोच की जांच शुरू की जिसमें महिला यात्रा कर रही थीं। जब कोच का निरीक्षण किया गया, तो वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
दरवाजा तोड़कर देखा गया, महिला का शव मिला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने वॉशरूम का दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। महिला उषा चौहान अचेत अवस्था में पड़ी थीं। उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने आशंका जताई कि महिला की मौत साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) के कारण हुई है। यह प्रकार का हार्ट अटैक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के अचानक व्यक्ति की जान ले लेता है।
घटना की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। एक सामान्य यात्रा का अंत इस तरह दुखद हो जाएगा, यह किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। परिजनों को सूचित कर शव का अंतिम संस्कार किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना ने रेलवे और पुलिस प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।










