मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के पास अचारपुरा गांव में किसानों के बीच एक अनूठी ‘खाट पंचायत’ का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर भारतीय किसानों की आर्थिक स्थिति को संकट में डाल दिया है। पटवारी ने अपने भाषण के बीच ही अपने पिता को फोन कर खेती की वर्तमान स्थिति का लाइव उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
खेत की स्थिति और किसानों की आर्थिक चुनौतियां
पटवारी ने अपने पिता से पूछा कि वह कहां हैं और क्या कर रहे हैं। पिता ने जवाब दिया कि वह बल्ली वाले खेत में हैं और आलू निकाल रहे हैं। जब पटवारी ने पूछा कि इस बार आलू का भाव क्या है, तो पिता ने बताया कि केवल नौ रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या यह दाम सही हैं, तो पिता ने कहा कि खाद और बीज का खर्च भी नहीं निकल रहा है, मुनाफा तो दूर की बात है। फिर पटवारी ने पूछा कि गेहूं का क्या हाल है, तो पिता ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं भी नीचे गिर गया है। इस बातचीत से स्पष्ट होता है कि किसानों को खेती में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का विरोध और सरकार पर आरोप
पटवारी ने कहा कि यदि उनके घर की 90 बीघा जमीन होने के बावजूद खेती घाटे का सौदा है, तो छोटे किसानों का क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने किसानों को खून के आंसू रुलाए हैं। इसके साथ ही, भोपाल में 24 फरवरी को किसान महाचौपाल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भाग लेंगे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का विरोध करना और किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी की मांग करना है। हजारों किसान पूरे प्रदेश से भोपाल पहुंचने का दावा कर रहे हैं।











