जबलपुर-भोपाल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा गिरना
मध्य प्रदेश के जबलपुर-भोपाल मार्ग पर स्थित नेशनल हाईवे-45 पर बने रेलवे ओवरब्रिज का एक भाग अचानक गिर गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। यह घटना उस समय हुई जब ब्रिज का भोपाल से जबलपुर की ओर जाने वाला हिस्सा कई महीनों से क्षतिग्रस्त था। पहले ही इस मार्ग पर यातायात केवल एक दिशा में ही संचालित किया जा रहा था, लेकिन अब दूसरा हिस्सा भी टूटने के कारण प्रशासन को तुरंत ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। इस दुर्घटना के बाद वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकाला जा रहा है और मौके पर अधिकारी स्थिति संभालने में लगे हैं। चार साल पहले बने इस रेलवे ओवरब्रिज की खराब स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यातायात व्यवस्था और प्रभावित क्षेत्र का हाल
ब्रिज गिरने के बाद शहपुरा शहर के अंदर यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है, जबकि छोटे और हल्के वाहन शहर के अंदरूनी रास्तों से गुजर रहे हैं। इसके अलावा बड़े ट्रक और बसें टोल प्लाजा और आसपास के ढाबों के पास खड़ी हैं। मौके पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच चुके हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयासरत हैं। साथ ही यातायात पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी चौराहों पर तैनात किए गए हैं, ताकि यातायात व्यवस्था सुगम बनी रहे।
निर्माण की क्वालिटी और जिम्मेदारी पर सवाल
बता दें कि लगभग चार वर्ष पहले इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था, जिसे मेसर्स बागड़ इंफ्रा कंपनी ने पूरा किया था। निर्माण के दौरान ही इसकी गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठने लगे थे। निर्माण एजेंसी की दोष दायित्व अवधि (Defect Liability Period) के तहत ही मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था, जो ठेकेदार के खर्च पर किया जा रहा था। पहले ही इस एजेंसी के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई हो चुकी है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के अधिकारी ने बताया कि यह मार्ग NH-45 का हिस्सा है और इसकी देखरेख का जिम्मा MPRDC का है। निर्माण के दौरान ही कुछ तकनीकी खामियां पाई गई थीं, जिनके सुधार के लिए कार्य जारी था।










