मध्यप्रदेश में गैस संकट का असर सरकारी अस्पतालों पर
ईरान, इजरायल और अमेरिका (US) के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत सहित विश्व के कई देशों में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है। खासकर मध्यप्रदेश के सतना शहर में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी ने आम जनता और सरकारी संस्थानों दोनों को प्रभावित किया है। इस गैस संकट का सबसे ताजा उदाहरण सरदार वल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय में देखने को मिला है, जहां मरीजों के भोजन की व्यवस्था गैस की अनुपलब्धता के कारण प्रभावित हो रही है।
सरकारी अस्पताल में गैस की कमी से भोजन बनाने में परेशानी
जिला अस्पताल की रसोई में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। सामान्य दिनों में यह कार्य गैस सिलेंडरों की मदद से किया जाता है, लेकिन हाल के दिनों में घरेलू और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति में बाधा आने से अस्पताल प्रबंधन को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गैस की कमी के कारण रसोई में नए सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे भोजन बनाने का कार्य प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति में कर्मचारियों ने अस्थायी रूप से लकड़ी का चूल्हा बनाकर भोजन पकाने का विकल्प अपनाया है।
लकड़ी के चूल्हे से भोजन बनाने में हो रही देरी और मरीजों को हो रही परेशानी
लकड़ी के चूल्हे पर भोजन पकाने की प्रक्रिया धीमी होने के कारण मरीजों को समय पर भोजन नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि भोजन में देरी होने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। कई बार भोजन तैयार होने में अधिक समय लगने से मरीजों को इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। अस्पताल के कर्मचारी धीरज मिश्रा ने बताया कि गैस की आपूर्ति न होने के कारण अब सब्जी और दलिया जैसे व्यंजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाना पड़ रहा है, जो समय और सुविधा दोनों के लिहाज से कठिनाई पैदा कर रहा है।










