ईरान-इजरायल तनाव का प्रभाव हवाई यात्रा पर बढ़ा
वर्तमान में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण हवाई यात्रा क्षेत्र में गंभीर प्रभाव देखने को मिल रहा है। सुरक्षा कारणों से ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे सैकड़ों यात्रियों की यात्रा में बाधा उत्पन्न हो गई है। ट्रैवल एजेंट फेडरेशन के अनुसार, मध्य प्रदेश के लगभग 750 से अधिक लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।
ईरान का हवाई क्षेत्र बंद करने का निर्णय और उसके परिणाम
सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र से उड़ानों पर रोक लगा दी है। इस निर्णय का असर यूरोप और भारत के बीच संचालित कई प्रमुख उड़ानों पर पड़ा है, जिनमें से कई को रद्द करना पड़ा या उनका मार्ग बदला गया है। इन फंसे हुए यात्रियों में वे लोग भी शामिल हैं जो व्यापार, पर्यटन या रोजगार के सिलसिले में दुबई और अन्य मिडिल ईस्ट देशों में थे। कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी मिस हो गई हैं।
यात्रियों को राहत और भविष्य की योजना
खुशखबरी यह है कि दुबई और यूएई के अन्य शहरों में स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन हवाई यातायात पूरी तरह से बाधित है। यात्रियों की आर्थिक परेशानियों को समझते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने राहत का कदम उठाया है। ट्रैवल एजेंट फेडरेशन के अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि अधिकांश एयरलाइंस ने 10 मार्च तक की बुकिंग रद्द होने पर पूरा पैसा वापस करने का आश्वासन दिया है।
वर्तमान में विदेश में फंसे यात्रियों के पास केवल इंतजार करने का ही विकल्प है, जब तक हवाई क्षेत्र फिर से खुलता है। फेडरेशन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस नियमित रूप से जांचते रहें और दूतावास से संपर्क में रहें। जैसे ही तनाव कम होगा और हवाई क्षेत्र फिर से खुलेंगे, उड़ानों का संचालन सामान्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।









