इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतें: स्वास्थ्य संकट गहरा
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी के सेवन से हुई बीमारियों और मौतों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां के सैकड़ों लोग इस पानी को पीने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। दो महिलाओं और एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इस पूरे घटनाक्रम में नगर निगम की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी अभी तक मौके पर नजर नहीं आए हैं।
मामले की गंभीरता और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंदे पानी के कारण डिहाइड्रेशन और अन्य जटिलताएं फैल रही हैं, जिससे अब तक करीब 150 लोग प्रभावित हो चुके हैं। इनमें से 35 से अधिक मरीज सोमवार को ही अस्पताल पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत ही संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा संसाधनों और दवाइयों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने देर रात अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना और आश्वासन दिया कि इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
प्रमुख कारण और स्वास्थ्य विभाग की जांच
मामले की मुख्य वजहों को लेकर दो संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं। पहली, वार्ड और आसपास की खुदाई के दौरान ड्रेनेज लाइन फूटने से गंदगी पानी की सप्लाई लाइन में मिल गई। दूसरी, पानी की टंकी का दूषित होना। हालांकि, अभी तक स्पष्ट कारण का पता नहीं चल पाया है। नर्मदा जल सप्लाई क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम और आशा कार्यकर्ता लगातार सैंपल ले रही हैं, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच, रहवासी पानी उबालकर पीने और सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मौतों का कारण डिहाइड्रेशन या उल्टी-दस्त ही नहीं, बल्कि अन्य बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है।










