मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल संकट गहरा रहा है
इंदौर जिले में लगातार बढ़ते हुए दूषित पेयजल का संकट गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी से हुई मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब महू क्षेत्र में भी दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने की खबरें सामने आई हैं। इस घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता को और बढ़ा दिया है।
महू के इलाकों में दूषित पानी से बीमारियों का प्रकोप
महू के पट्टी बाजार, मोती महल और चन्दर मार्ग जैसे इलाकों में दूषित पेयजल के कारण करीब 25 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। इन लोगों ने उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी शिकायतें दर्ज कराई हैं। जैसे ही इस मामले की जानकारी प्रशासन को मिली, स्थानीय विधायक उषा ठाकुर ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सभी के उचित उपचार के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई और जल सुरक्षा प्रयास
दूषित पानी से बीमार लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि अन्य घरों में ही उपचार कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आज सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग का अमला मौके पर मौजूद है, जिसमें सीएमएचओ डॉ माधव हसानी भी शामिल हैं। महू कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी देर रात प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पानी की जांच तथा स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। वर्मा ने कहा कि अस्पताल में मरीजों का उपचार जारी है और शनिवार से क्षेत्र में सर्वे शुरू किया जाएगा। जिनमें लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें घर पर ही उपचार दिया जाएगा, जबकि गंभीर मरीजों का अस्पताल में इलाज किया जाएगा। इस तरह की घटनाओं ने शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।










