मध्य प्रदेश में मानवता की मिसाल: अंगदान का सम्मान
इंदौर में एक प्रेरणादायक घटना देखने को मिली है, जहां मध्य प्रदेश सरकार ने अंगदान की महान परंपरा का सम्मान करते हुए एक ‘ब्रेन-डेड’ व्यक्ति को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी। यह कदम मानवता के प्रति गहरी संवेदना और जागरूकता का प्रतीक है।
इस घटना में मृतक के अंगों को जीवनदान देने का निर्णय लिया गया, जिसमें हार्ट को अहमदाबाद की विशेष फ्लाइट से भेजा गया, जबकि उनके लिवर और दो किडनी को स्थानीय अस्पताल में मरीजों के जीवन को संवारने के लिए ट्रांसप्लांट किया गया। यह प्रक्रिया न केवल जीवन बचाने का माध्यम है, बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक सशक्त उदाहरण है।
अंतिम संस्कार पर पुलिस और प्रशासन का सम्मानपूर्ण प्रदर्शन
गुरुवार को अंतिम संस्कार के दौरान, जायसवाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसमें पुलिसकर्मी अपनी राइफलों के साथ लाइन में खड़े थे और उन्हें सलामी दी। इस सम्मान में टॉप पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। चश्मदीदों ने बताया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्य का सम्मान करते हुए सम्मानपूर्ण तरीके से सलामी दी।
उनकी पत्नी आराधना ने कहा, “मेरे पति के ऑर्गन डोनेशन से तीन या चार परिवारों के गंभीर रूप से बीमार सदस्यों की जान बच जाएगी। हमने उनके इस निर्णय का समर्थन किया है, ताकि उनके जाने के बाद भी जीवन का संचार बना रहे।”
दक्षिण भारत में भी अंगदान का उदाहरण: केरल की छोटी डोनर
15 फरवरी को, केरल में एक 10 महीने की बच्ची को राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया, जो अपने माता-पिता के ऑर्गन डोनेशन के फैसले के बाद दक्षिणी राज्य की सबसे कम उम्र की डोनर बन गई। यह घटना भी मानवता और जीवनदानी की भावना को दर्शाती है, जहां छोटी उम्र में ही जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया।











