मध्य प्रदेश के इंदौर में हिंगोट युद्ध का आयोजन
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के गौतमपुरा क्षेत्र में दिवाली के अगले दिन पारंपरिक हिंगोट युद्ध का आयोजन किया गया, जिसमें इस वर्ष 30 से अधिक लोग घायल हो गए। इस अनूठी परंपरा में गौतमपुरा और रुनजी गांव के दो समूह एक-दूसरे पर बारूद से भरे हिंगोट फेंकते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, फिर भी हर साल की तरह इस बार भी कई लोग चोटिल हुए हैं।
घायल लोगों का हाल और सुरक्षा व्यवस्था
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. वंदना केसरी ने जानकारी दी कि इस हादसे में लगभग 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर है। एक व्यक्ति का हाथ टूट गया है, जबकि दूसरे की नाक पर गहरी चोट लगी है। घायलों को तुरंत ही देपालपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा के व्यापक प्रबंधों के बावजूद यह हादसा हुआ है।
सुरक्षा इंतजाम और प्रशासनिक तैनाती
एसडीपीओ संघप्रिय सम्राट ने बताया कि दर्शकों की सुरक्षा के लिए मैदान के चारों ओर ऊंचे जाल और बैरिकेड लगाए गए थे। लगभग 200 पुलिसकर्मी और 100 प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात थे। इसके अतिरिक्त फायर इंजन और एंबुलेंस भी मौजूद थीं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।
परंपरा का ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान संदर्भ
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा लगभग दो सौ साल पुरानी है। माना जाता है कि होलकर काल में जब स्थानीय योद्धा मुग़ल सेना से मुकाबला कर रहे थे, तब वे हिंगोट में बारूद भरकर उसे हथियार की तरह इस्तेमाल करते थे। आज भी लोग उसी बहादुरी की याद में इस अनोखे हिंगोट युद्ध का आयोजन करते हैं, भले ही इसमें हर साल कई लोग घायल क्यों न हो जाएं।









