इंदौर में पेंटहाउस विवाद और खून-खराबे का मामला
इंदौर के एमटी-11 स्थित शिव वाटिका समृद्धि एनक्लेव में बुधवार रात एक गंभीर घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यहां एक पेंटहाउस के संचालन को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब पेंटहाउस के मालिक के बेटे ने जानबूझकर तेज रफ्तार कार से रहवासियों पर हमला कर दिया। इस दुर्घटना में आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) में कार्यरत इंजीनियर शम्पा पांडे की मौत हो गई, जबकि एक महिला रानू रावत गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।
रहवासियों ने लगाए गंभीर आरोप, विवाद का कारण बना मोबाइल ऐप और अनैतिक गतिविधियां
स्थानीय निवासियों ने पुलिस को अपने बयानों में आरोप लगाए हैं कि सोसाइटी में एक मोबाइल ऐप के माध्यम से पेंटहाउस का संचालन किया जा रहा था। वहां अक्सर विदेशी महिलाएं हिजाब पहनकर अनैतिक गतिविधियों में भाग लेती थीं। रहवासियों के विरोध के कारण पेंटहाउस की लाइटें बंद कर दी गई थीं, जिससे मालिक कुलदीप चौधरी नाराज हो गया था। इस विवाद के बीच ही बुधवार रात करीब 10:30 बजे जब कुलदीप चौधरी अपनी पत्नी के साथ पहुंचा, तो वहां रहवासियों से उसकी तीखी बहस हुई।
कार से हमला और CCTV में कैद पूरी वारदात
विवाद के दौरान ही उसका 18 वर्षीय बेटा मोहनीश चौधरी भी मौके पर पहुंच गया। जब मोहनीश कार लेकर भागने लगा और रहवासियों ने गेट बंद कर दिया, तो उसने गुस्से में कार मोड़कर सीधे लोगों पर चढ़ा दी। इस घटना में शम्पा पांडे कार के नीचे दब गईं और वाहन उनके पेट के ऊपर से गुजर गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कार कितनी बेरहमी से लोगों की ओर बढ़ाई गई। मृतका के पति सौरभ पांडे और अन्य चश्मदीदों के बयान के आधार पर पुलिस ने इस मामले को हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज किया है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलदीप चौधरी और उसके बेटे मोहनीश को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें विदेशी महिलाओं का पेंटहाउस में आना-जाना और अनैतिक देह व्यापार जैसे आरोप भी शामिल हैं।










