इंदौर में 15 लाख की चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
इंदौर की प्रतिष्ठित सिलिकॉन सिटी में हुई 15 लाख रुपये की चोरी का मामला पुलिस ने सुलझाते हुए एक प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने अपनी नौकरी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के कारण खो दी थी। इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है।
प्रेरणा और अपराध का कारण: AI से नौकरी गई, चोरी से जीवन यापन
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय प्रियांशु और अंजना के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मंडला (Mandla) जिले के निवासी हैं। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रियांशु इंदौर में TCS कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर का काम करता था, लेकिन AI तकनीक के कारण उसकी नौकरी चली गई। वहीं, अंजना इंदौर में NEET की तैयारी कर रही है। दोनों ने आर्थिक तंगी से जूझते हुए चोरी की योजना बनाई।
साजिश और पुलिस की कार्रवाई: रेकी से चोरी का खुलासा
डीसीपी लालचंदानी ने बताया कि दोनों आरोपी कक्षा 6 से साथ पढ़ रहे हैं। उन्होंने करीब एक हफ्ते तक सिलिकॉन सिटी में स्थित ‘श्री ज्वेलर्स’ की रेकी की और कुछ दिन पहले दुकान से सामान भी खरीदा ताकि दुकान की व्यवस्था समझ सकें। आरोपियों ने अपने साथ एक अन्य कपल की स्कूटर का इस्तेमाल किया, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।
पुलिस ने इन सुरागों के आधार पर मंडला स्थित इनके घर तक पहुंची। आरोपियों ने दुकान से लगभग 15 लाख रुपये के जेवरात चुराए थे, जिन्हें वे इंदौर के सराफा बाजार में बेचने की योजना बना रहे थे। लेकिन खरीददारों ने सामान को बच्चा समझकर नहीं खरीदा। इसके बाद दोनों मंडला जाकर क्रिसमस मनाने निकल गए।
पुलिस ने इनकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को भोपाल (Bhopal) रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। साथ ही, चोरी का सारा माल भी बरामद कर लिया गया है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।










