मध्यप्रदेश में इंदौर के मानपुर में हाई-प्रोफाइल जुआ कांड का खुलासा
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के मानपुर क्षेत्र में आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर हुई जुआरियों की महफिल ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। इस कार्रवाई के तुरंत बाद ही ग्रामीण एसपी ने मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिंहौरे और दो अन्य पुलिसकर्मियों को संदिग्ध भूमिका के कारण लाइन अटैच कर दिया। अब इनकी विभागीय जांच की संभावना भी बढ़ गई है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
फार्म हाउस में घुसे अज्ञात लोग और पुलिस की कार्रवाई
जुआरियों की गिरफ्तारी के बाद आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य ने पुलिस को एक पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के फार्म हाउस में बिना अनुमति के कुछ अज्ञात लोग घुस आए थे और वहां अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे। वंदना वैद्य ने यह भी आशंका जताई कि उन्हीं लोगों ने फार्म हाउस में चोरी की वारदात को भी अंजाम दिया हो सकता है। अपने पत्र में उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि इन संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ अलग से आपराधिक मामला दर्ज कर पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपियों का पीछा
बुधवार की सुबह इंदौर जिले के ग्रामीण डीआईजी मनोज सिंह के निर्देश पर पुलिस ने फार्म हाउस पर फिल्मी अंदाज में दबिश दी। इस छापेमारी में 18 आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया, जबकि छह आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए आरोपियों का संबंध इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और झाबुआ के हाई-प्रोफाइल परिवारों से बताया जा रहा है। इस कार्रवाई में पुलिस को 13 लाख रुपये से अधिक नकद, 25 मोबाइल फोन, एक कार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। ग्रामीण डीएसपी उमाकांत चौधरी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें जारी हैं और पूरे रैकेट की जांच की जा रही है। साथ ही, आईजी अनुराग सिंह के आदेशानुसार जुआ या सट्टा पकड़े जाने पर थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की गई है। इसी के तहत थाना प्रभारी लोकेश सिंह हिंहौरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, और इस पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई है।











