धार में भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद के विवाद को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में आज गहन सुनवाई हुई। इस मामले में वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद और गौरीशंकर जैन ने अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। लगभग आधे घंटे चली इस सुनवाई के बाद अदालत ने इस मुद्दे को 6 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया।
मुस्लिम और हिंदू पक्ष के बीच बहस और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील अशर वारसी ने धार में चल रहे एक अन्य सिविल सूट का हवाला देते हुए आग्रह किया कि पहले उस मामले की सुनवाई पूरी की जाए। वहीं, हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीश दुबे ने तर्क दिया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण से स्पष्ट हो गया है कि वर्तमान ढांचा प्राचीन मंदिर के अवशेषों पर बना है।
ASI की रिपोर्ट और विवाद की ऐतिहासिक महत्ता
धार में भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने 98 दिनों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया। इस रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया है कि यहां प्राचीन मंदिर के अवशेष मौजूद हैं। कोर्ट अब इन रिपोर्टों, तस्वीरों और वीडियो साक्ष्यों का मिलान करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया और मामले को फिर से हाईकोर्ट में भेजने का निर्देश दिया।











