इंदौर में गंदे पानी से जुड़ी गंभीर समस्या का खुलासा
इंदौर में हाल ही में गंदे पानी से होने वाली मौतों का मामला सुर्खियों में है, लेकिन अब एक नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र के अधिकांश घरों में नाले का गंदा पानी प्रवेश कर चुका है। इसकी मुख्य वजह है कि नाले की मुख्य लाइन में लीकेज हो गया है, जिससे पानी लीक होकर घर-घर में फैल रहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा: घरों में मिल रहा है दूषित पानी
आज तक की टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि घरों में पीने का पानी भी नाले के गंदे पानी से मिल चुका है। स्थानीय लोग उसी गंदे पानी का उपयोग नहाने और पीने के लिए कर रहे हैं। कई घरों में पानी संग्रहण के लिए होदी (टंकी) भी बनवाई गई है, क्योंकि पीने का पानी दिन में केवल आधे घंटे ही आता है। इस दौरान भी पहले 15 मिनट गंदा पानी ही मिलता है, लेकिन अब उसमें भी नाले का पानी मिल गया है।
पानी में तैरते कीड़े और जांच रिपोर्ट
आज तक की जांच में यह भी सामने आया कि घरों में संग्रहित पानी में कीड़े तैर रहे हैं। लोगों के पास विकल्प न होने के कारण वे मजबूरन इसी गंदे पानी का सेवन कर रहे हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में भागीरथपुरा से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में सीवरेज की मिलावट पाई गई है। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी पुष्टि की है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी सप्लाई हो रहा था।
प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पूरे क्षेत्र की पाइपलाइन का निरीक्षण शुरू कर दिया है। लीकेज कहां और कैसे हुआ, इसकी हर संभव जांच की जाएगी। इस मामले में इंदौर नगर निगम के कमिश्नर का ट्रांसफर कर दिया गया है और दो वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।











