इंदौर में दूषित जल से मौतों ने राजनीति में हड़कंप मचा दिया
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस घटना को कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर केवल अपने स्वार्थों को प्राथमिकता दी है। पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मामले में न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेगी।
सरकार की अनदेखी और पाइपलाइन टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप
जीतू पटवारी ने कहा कि भागीरथपुरा में नई पाइपलाइन के टेंडर 2022 में ही हो चुके थे, लेकिन भ्रष्टाचार और कमीशन के विवाद के कारण पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस लापरवाही के पीछे भ्रष्टाचार और सत्ता के अहंकार का हाथ है। साथ ही, उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2017 में ही रिपोर्ट दी थी कि पानी दूषित है, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
पटवारी ने इस घटना के लिए चार मुख्य व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल कैबिनेट मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर एफआईआर दर्ज करने और नगर निगम के अधिकारियों तथा स्थानीय पार्षदों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की भी अपील की है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इंदौर शहर का आर्थिक योगदान प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 20 प्रतिशत है, लेकिन विकास के नाम पर शहर को केवल 1 प्रतिशत ही लाभ मिल रहा है।











