भारत में मौसम का बदलाव और चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारत के कई हिस्सों में तीव्र मौसम परिवर्तन की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं का प्रकोप देखने को मिल सकता है। यह बदलाव खासतौर पर मौसम की अनिश्चितता को बढ़ाते हुए आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है।
पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि
पिछले एक दिन में अरुणाचल प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल जैसे राज्यों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में ओलावृष्टि की खबरें भी मिली हैं। इन क्षेत्रों में मौसम का यह बदलाव सामान्य से अधिक सक्रिय रहा, जो मार्च महीने में आठ पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव को दर्शाता है। सामान्यतः इनकी संख्या पांच से छह के बीच होती है।
मौसम विज्ञान की जानकारी और मौसमी प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश लाने वाली हवाओं की एक प्रणाली है, जो भूमध्य सागर और ईरान (Iran) के ऊपर से उत्पन्न होती है। इसे ‘सबट्रॉपिकल पछुआ जेट स्ट्रीम’ कहा जाता है, जो भारत में प्रवेश कर हिमालय से टकराकर भारी बारिश और बर्फबारी कराती है। इस वर्ष मार्च में यह प्रणाली सामान्य से अधिक सक्रिय रही, जिसका प्रभाव अप्रैल की शुरुआत में भी देखा जा सकता है। पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों के महीनों दिसंबर से मार्च के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं।









