मध्य प्रदेश के दतिया में अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर कलेक्टर की नाराजगी
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कलेक्टर IAS स्वप्निल वानखड़े इन दिनों अपनी कार्यशैली के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने जिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया, जिसमें उन्हें अस्पताल के कई हिस्सों में सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर और वार्डों में सफाई का जायजा
कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर, बाल और शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, स्टेप डाउन यूनिट, ओपीडी, वार्डों और शौचालयों में साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों की सेवाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें ट्रॉमा सेंटर में धूल और गंदगी जमी हुई दिखाई दी। उन्होंने खुद फर्श पर हाथ फेरकर धूल की जांच की और सफाई सुपरवाइजर को सख्त लहजे में फटकार लगाई। जब कलेक्टर ने पूछा कि फर्श पोछा गया है या नहीं, तो सुपरवाइजर ने आत्मविश्वास से जवाब नहीं दे पाया। कलेक्टर ने फर्श पर हाथ लगाने को कहा और पूछा कि क्या इसे पोछा कहा जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सफाई का सही प्रबंधन नहीं हुआ, तो टेंडर रद्द कर दिया जाएगा।
सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश और अस्पताल की सुरक्षा का ध्यान
कलेक्टर ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार करने तथा नियमित निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज का अधिकार है कि वह स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में इलाज कराए। साथ ही, उन्होंने दवा वितरण, स्टाफ की उपस्थिति और अन्य आवश्यक सेवाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस घटना ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है, जिसे जल्द सुधारने की आवश्यकता है।











