मध्यप्रदेश के हरदा में किसानों का प्रदर्शन और प्रशासनिक विवाद
मध्यप्रदेश के हरदा जिले में बुधवार को किसानों ने अपनी मुख्य मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान जब कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा, तो कलेक्टर सिद्धार्थ जैन बाहर नहीं आए। इस स्थिति में टिमरनी विधायक अभिजीत शाह गेट पर चढ़कर अंदर प्रवेश कर गए। उन्होंने न केवल गेट को फांदकर अंदर कदम रखा, बल्कि पुलिस के सामने ही गेट खोलकर भीड़ को अंदर आने का अवसर प्रदान किया। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को असहाय बना दिया, और पुलिस भी इस स्थिति में असमर्थ दिखी।
विधायक का गेट पर चढ़ना और पुलिस की असहाय स्थिति
एक वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि टिमरनी विधायक अभिजीत शाह कलेक्टर कार्यालय के गेट को फांदते हुए अंदर प्रवेश कर रहे हैं। जब कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ज्ञापन लेने नहीं आए, तो विधायक ने अपने कदमों से गेट को पार किया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस बल को भी निरुत्तर कर दिया, जिन्होंने अंदर खड़ी भीड़ को रोकने का प्रयास किया। विधायक का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया, और पुलिस भी इस घटना के दौरान बेबस नजर आई।
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और अधिकारियों का प्रयास
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस अधिकारी जितेंद्र वशंव बेरिकेड पर गिर पड़े और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पंवार भी गिर गए। इन घटनाओं का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एडीएम पुरुषोत्तम कुमार और एसपी अमित कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और दोनों विधायकों से बातचीत की। प्रदर्शन में हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने, किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान, जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई और अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे।
किसानों की मुख्य मांगें और कांग्रेस का विरोध
किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि किसानों की खाद, मुआवजा और बीमा राशि की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया है। उनका आरोप है कि पिछले चार महीनों से जिले के सैकड़ों किसान खाद की समस्या से जूझ रहे हैं, और उन्हें समय पर आवश्यक मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। साथ ही, लगातार हो रही बारिश के कारण मक्का और सोयाबीन की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों को अभी तक बीमा राशि और मुआवजा नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने हरदा जिले को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की भी मांग की। उन्होंने सोयाबीन, मक्का समेत अन्य फसलों के नुकसान के लिए 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि और तत्काल बीमा लाभ की भी मांग की।
प्रशासनिक सर्वे और कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे को गलत बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर पटवारी की ओर से क्रॉप कटिंग के आधार पर पंचनामा बनाना चाहिए, ताकि सैटेलाइट सर्वे की विसंगतियों को दूर किया जा सके। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मिला है, जिसे भोपाल भेज दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय वह वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे, इसलिए अपर कलेक्टर मौके पर मौजूद थे। कांग्रेस की मुख्य मांगों में रबी सीजन के लिए बिजली और बैंक वसूली रोकने, समर्थन मूल्य पर सोयाबीन और मक्का की खरीद, मंडियों में उपज का नकद भुगतान, समर्थन मूल्य से कम बोली पर रोक, मंडियों में भोजन और पंखे की व्यवस्था, और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं।











