ग्वालियर में महिलाओं की पेंटिंग्स पर हमला: मानसिकता का सवाल
ग्वालियर शहर की दीवारों पर बनाई गई महिलाओं की योग मुद्रा वाली पेंटिंग्स को कुछ असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाते हुए खराब कर दिया। इन चित्रों को लेकर छात्रा आशी कुशवाह ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, जिसके बाद नगर निगम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन आपत्तिजनक निशानों को मिटा दिया। यह घटना शहर की स्मार्ट सिटी पहल के तहत बनाई गई महिलाओं की ‘ब्लैक सिलुएट’ (Black Silhouette) कला के प्रति बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
सामाजिक मानसिकता और कला का अपमान
ग्वालियर की दीवारों पर महिलाओं के योग अभ्यास की तस्वीरें बनाई गई थीं, जो स्मार्ट सिटी परियोजना का हिस्सा थीं। लेकिन कुछ विकृत मानसिकता के लोगों ने इन चित्रों के विशिष्ट हिस्सों पर अश्लील चित्रकारी और खरोंचें कर दीं। छात्रा आशी ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए कहा, “मैं रोज इस सड़क से गुजरती हूं और हर बार यह देखकर गुस्सा और घृणा होती है। ग्वालियर को गर्व से स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन यहां के लोगों में स्मार्टनेस कहां है? यह सिर्फ एक मामूली नुकसान नहीं है, बल्कि गंदी सोच, घटिया मानसिकता और महिलाओं का अपमान है।” उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि हमारी सोच ऐसी ही है, तो स्मार्ट सिटी का टाइटल बेकार है।
सामाजिक जागरूकता और कार्रवाई का सिलसिला
आशी की वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कॉलेज छात्र मौके पर पहुंचे। लोकेंद्र सिंह उर्फ ’केतु’ ने पेंट और ब्रश लेकर इन विकृत चित्रों को फिर से रंगने का काम किया। उन्होंने कहा, “मैंने सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को देखा और तुरंत ही मौके पर पहुंचकर इन्हें ठीक किया। हमें शर्म आनी चाहिए कि हम ऐसी हरकतें कर रहे हैं।” इसके साथ ही, नगर निगम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन आपत्तिजनक चित्रों को सफेद रंग से ढक दिया। अब इन दीवारों पर नई कला बनाने की योजना है, जिसमें 11 जनवरी को जनरेशन Z (Gen Z) के छात्रों को बुलाकर नई पेंटिंग्स बनवाई जाएंगी। इन प्रयासों के बाद इन दीवारों का सम्मान भी किया जाएगा।











