ग्वालियर में 90 वर्षीय रिटायर्ड एयर फोर्स डॉक्टर के साथ साइबर ठगी का खुलासा
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक बुजुर्ग रिटायर्ड एयर फोर्स डॉक्टर के साथ हुई बड़ी साइबर धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि करीब 25 दिनों तक डिजिटल जाल में फंसाकर उन्हें लगभग 2.5 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। शिकायत के अनुसार, 25 जनवरी को डॉक्टर को एक फोन कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को एक जांच एजेंसी का सदस्य बताया। उसने कहा कि डॉक्टर के दस्तावेज अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे हैं और उन्हें गिरफ्तारी व कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया।
डिजिटल जालसाजी और मानसिक दबाव के जरिए ठगी का खेल
ठगों ने ‘ऑनलाइन निगरानी’ का झांसा देकर डॉक्टर को लगातार वीडियो कॉल और संपर्क में रखा। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया कि डॉक्टर को लगा वह किसी आधिकारिक प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। गोपनीयता और कानूनी परिणामों का हवाला देकर उनसे परिवार को कुछ भी न बताने का आग्रह किया गया। इस दौरान, आरोपियों ने बुजुर्ग की मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उन्हें लगातार दबाव में रखा। धीरे-धीरे, उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कराई, और कुल मिलाकर लगभग 2.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
बैंक लेनदेन का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
यह मामला तब उजागर हुआ जब बैंक अधिकारियों ने असामान्य रूप से बड़े लेनदेन को नोटिस किया। बैंक मैनेजर ने जब इस संदर्भ में पूछताछ की, तो पीड़ित ने पूरी घटना का ब्यौरा दिया। इसके बाद, उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि 90 वर्षीय रिटायर्ड एयर फोर्स अधिकारी को 25 जनवरी को एक कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने विभिन्न एजेंसियों का नाम लेकर उन्हें डराया और कहा कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग हो रहा है। इस धोखाधड़ी के बाद, उनके खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई। बैंक मैनेजर की पूछताछ के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।











