मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अनिल मिश्रा को मिली जमानत
मध्य प्रदेश की उच्च न्यायालय में चल रही लंबी सुनवाई के बाद बुधवार को वरिष्ठ वकील अनिल मिश्रा को राहत मिल गई है। अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत प्रदान की है। इस फैसले में अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए उनकी गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार दिया है। वकील मिश्रा को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर का चित्र जलाने का मामला दर्ज किया गया था।
अदालत का फैसला और पुलिस की कार्यवाही पर टिप्पणी
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस ने इस मामले में भारी चूक की है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता को फरार आरोपी के रूप में दर्ज किया, जो कि कानून के अनुसार गलत है। इस कारण से अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वकील मिश्रा को जमानत मिलने के साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि पुलिस की कार्रवाई में खामियां थीं, जिनके कारण उनकी गिरफ्तारी को असंवैधानिक माना गया है।
मामले की वर्तमान स्थिति और अन्य गिरफ्तारियों
बता दें कि डॉ. बीआर आंबेडकर का चित्र जलाने के मामले में अनिल मिश्रा समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही थी। कुल सात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। एमपी सिंह के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार अन्य तीन व्यक्तियों की भी जमानत याचिका कोर्ट में लगी है, और यदि सुनवाई आगे बढ़ी तो उन्हें भी राहत मिल सकती है।










