मध्य प्रदेश की कृषि मंडी में किसान की पीड़ा और विवाद
मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडी में एक किसान के आंसू तब निकल पड़े जब उसकी फसल बेचने का प्रयास विफल हो गया। किसान ने हाथ जोड़कर विनम्रता से गुहार लगाई कि उसकी बेटी की शादी है और उसे तुरंत पैसे की जरूरत है, लेकिन मंडी प्रबंधन की कठोरता ने स्थिति को और भी जटिल बना दी। इस घटना के दौरान न तो कोई किसान नेता और न ही मंडी प्रबंधन ने उसकी मदद की, जिससे उसकी स्थिति और भी खराब हो गई। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक (IAS) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषी कर्मचारी को निलंबित करने का आदेश दिया।
नीलामी में हुई भारी गड़बड़ी और किसानों का आक्रोश
मंडी में उस समय हंगामा मच गया जब एक मंडी इंस्पेक्टर की कथित शराबखोरी और तानाशाही के कारण नीलामी प्रक्रिया बाधित हो गई। घंटों तक मंडी बंद रहने से नाराज किसानों ने नेशनल हाईवे (एबी रोड) पर चक्काजाम कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तैनात मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा नशे में धुत्त थे। नीलामी के दौरान एक किसान की सरसों की बोली 5700 रुपये प्रति क्विंटल लगी थी, लेकिन नशे में धुत इंस्पेक्टर ने जानबूझकर या गलती से पर्ची पर केवल 5400 रुपये दर्ज कर दिए। जब किसान ने इस अंतर का विरोध किया, तो इंस्पेक्टर ने अभद्रता की। यहां तक कि व्यापारी भी 5700 रुपये में फसल खरीदने को तैयार थे, लेकिन इंस्पेक्टर की मनमानी के कारण व्यापारियों ने फसल खरीदने से इनकार कर दिया और मंडी का बहिष्कार कर दिया।
किसानों की समस्याओं और सरकार की कार्रवाई
मंडी में हुई इस घटना के बाद किसानों को घंटों तक बिना नीलामी के परेशान होना पड़ा। किसानों का कहना है कि मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें दो-दो बार ट्रैक्टर का भाड़ा देना पड़ा। कई किसानों की घर में शादी है और वे अपनी उपज बेचकर पैसे जुटाने आए थे, लेकिन अधिकारियों की मनमानी ने उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया। पूर्व मंत्री और कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं और समय पर खरीदारी नहीं हो रही है। उन्होंने जिला कलेक्टर से इस मामले की तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मंडी सचिव ने स्वीकार किया कि प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा विवाद का कारण बने हैं। उन्होंने कहा कि शर्मा पहले भी विवादित रहे हैं और किसानों ने उनके शराब के नशे में होने की शिकायत की है, जिसकी जांच कराई जाएगी। मौके का पंचनामा तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। फिलहाल, इंस्पेक्टर को ड्यूटी से हटा दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि मंडी की व्यवस्था बेहतर हो और किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।











