गुना में दशकों पुराने मामले का खुलासा: ट्रक ड्राइवर की मौत का सच
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक दशक पुराना मामला फिर से चर्चा में आ गया है, जिसमें ट्रक चालक माखन कुशवाह की रहस्यमय मौत ने पुलिस विभाग को हिला कर रख दिया है। उस समय पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर मामला बंद कर दिया था, लेकिन अब नई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जिन महिला की मौत को आत्महत्या का कारण बताया गया था, वह असल में जिंदा पाई गई है।
पुलिस की भूमिका और नए खुलासे
इस मामले में बर्खास्त पुलिस दरोगा रामवीर सिंह उर्फ दाऊ को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ट्रक चालक से अवैध वसूली के लिए उसे रुठियाई थाने में बंधक बनाकर क्रूरता से टॉर्चर किया। 21 जून 2015 को माखन कुशवाह की अधजली लाश थाने परिसर में बिना पहचान के मिली थी। उस समय तत्कालीन सब इंस्पेक्टर रामवीर ने झूठी कहानी गढ़ी कि माखन ने अपनी पत्नी की मौत से दुखी होकर खुद पर डीजल डालकर आत्महत्या कर ली।
सच्चाई का खुलासा और न्याय की दिशा में कदम
अब जांच में स्पष्ट हुआ है कि माखन कुशवाह को रुठियाई चौकी में अवैध वसूली के लिए जबरदस्ती रोका गया था। उससे पैसे न देने पर उसके साथ क्रूरता की गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए झूठी रिपोर्ट बनाई गई। पुलिस ने इस मामले में दारोगा रामवीर सिंह और प्रधान आरक्षक हरिमोहन सिंह परिहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक के पिता गोपाल कुशवाह ने कहा कि उनके बेटे की हत्या की गई थी और पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप दे दिया। अब जब सच्चाई सामने आई है, तो वे सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।











