इंदौर में राज्यपाल के प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं में हुई लापरवाही
इंदौर में राज्यपाल के प्रवास के समय व्यवस्थाओं में गंभीर खामियों का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर ने कई संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, साथ ही रेसीडेंसी कोठी में व्यवस्था देख रही फर्म रतन एम्पोरियम की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया गया है। इस मामले में लंबित भुगतान का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा भी काटने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल के प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं में खामियों का खुलासा
मध्यप्रदेश की राज्यपाल मांगीबाई पटेल ने 16 फरवरी को रेसीडेंसी कोठी में रात्रि विश्राम किया था। इस दौरान व्यवस्थाओं में कमी की शिकायतें सामने आईं। राज्यपाल के OSD ने बेडशीट बदलने का अनुरोध किया था, जिसे व्यवस्था संभाल रही फर्म रतन एम्पोरियम के कर्मचारियों ने समय पर पूरा नहीं किया।
इसके अतिरिक्त, सुबह निरीक्षण के दौरान किचन क्षेत्र में स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाया गया और डस्टबीन खुली मिली, जिस पर स्टाफ ने नाराजगी जताई। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किचन में कोकरोच मिलने जैसी कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन वीवीआईपी प्रोटोकॉल में कमी को गंभीरता से लिया गया है।
प्रशासन का सख्त कदम और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश पर, फर्म रतन एम्पोरियम की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के साथ ही लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, लंबित भुगतान से 20 से 30 प्रतिशत राशि काटने का निर्णय भी लिया गया है। अपर कलेक्टर रोशन राय ने बताया कि लापरवाही के लिए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, श्रम निरीक्षक, आपूर्ति अधिकारी, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।











