मध्य प्रदेश के धार जिले में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा
धार (Madhya Pradesh) जिले के गोंदीखेड़ा चारण गांव में हुई इस जघन्य हत्या ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में एक महिला ने पहले अपने पति की हत्या की साजिश रची, फिर उसकी हत्या को छुपाने के लिए ऐसी कहानी गढ़ी कि शुरुआत में हर कोई उसकी बात पर विश्वास कर बैठा। रो-रोकर उसने ऐसी कहानी सुनाई कि मानो वह किसी भीषण हादसे का शिकार हो। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच की परतें खोलनी शुरू की, सच्चाई का पर्दा उठता गया और पता चला कि वह महिला ही इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड थी।
हत्या का मामला और पुलिस की जांच
यह पूरा मामला गोंदीखेड़ा चारण गांव का है, जहां देवकृष्ण रोहित की हत्या ने इलाके में खलबली मचा दी थी। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, रात के समय कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला किया और उनकी पत्नी प्रियंका को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद प्रियंका का रो-रोकर दिया गया बयान पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया था। वह बार-बार कह रही थी कि बदमाश अचानक घर में घुसे, उन्होंने पति पर हमला किया और उसे एक कमरे में बांध दिया। उसकी आंसू भरी आवाज और घबराहट इतनी वास्तविक लग रही थी कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ। लेकिन पुलिस की नजरों से यह कहानी ज्यादा देर तक छुप नहीं सकी। जांच के दौरान पता चला कि प्रियंका झूठ बोल रही थी।
सच्चाई का खुलासा और प्रेम संबंध का मामला
जांच में सामने आया कि प्रियंका का अपने ही गांव के कमलेश नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था, जो कई वर्षों से चल रहा था। इस संबंध के कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे। परिवार के सदस्यों का कहना है कि प्रियंका कई बार अपने मायके चली जाती थी और लंबे समय तक वहीं रहती थी। इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि प्रियंका और देवकृष्ण की शादी नाबालिग अवस्था में हुई थी। जब प्रियंका बालिग हुई और पति के साथ रहने को कहा गया, तो वह इसके लिए तैयार नहीं थी। धीरे-धीरे यह असहमति एक खतरनाक साजिश में बदल गई।
प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इस योजना को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी सुरेंद्र को करीब एक लाख रुपये की सुपारी दी। घटना वाली रात, सुरेंद्र घर में दाखिल हुआ और सोते हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हत्या के बाद प्रियंका को बांध दिया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि वह भी इस अपराध की भागीदार है। इसके बाद उसे चिल्लाने के लिए कहा गया, ताकि आसपास के लोग इकट्ठा हो जाएं और कहानी को यथार्थ माना जाए। लेकिन यह योजना भी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया। एसपी मयंक अवस्थी के नेतृत्व में टीम ने प्रियंका और कमलेश को गिरफ्तार किया, साथ ही लूटपाट का सामान भी बरामद किया। हैरानी की बात यह रही कि वह सामान खुद प्रियंका के घर से ही मिला। फिलहाल, तीसरे आरोपी सुरेंद्र की तलाश जारी है, जिसे इस हत्या के लिए सुपारी दी गई थी। इस खुलासे के बाद मृतक के परिवार में गहरा गुस्सा और दुख व्याप्त है। देवकृष्ण की मां और बहन ने प्रियंका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रियंका का व्यवहार शुरू से ही ठीक नहीं था, वह अक्सर विवाद करती थी और अपने पति का अपमान करती थी। परिवार का यह भी आरोप है कि प्रियंका का कमलेश के साथ संबंध 2020 से चल रहा था और गांव में इसकी चर्चा थी।










