मंदसौर में एसडीएम के खिलाफ दहेज और गर्भपात के आरोप
इंदौर पुलिस ने मंदसौर जिले के गरोठ में तैनात एसडीएम राहुल चौहान के खिलाफ उनकी पत्नी की शिकायत पर दहेज प्रताड़ना और गंभीर आरोपों के आधार पर मामला दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही, उसने यह भी आरोप लगाया है कि पति ने योजनाबद्ध तरीके से गर्भपात कराए जाने का प्रयास किया है।
शादी का इतिहास और पत्नी के आरोप
दोनों की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी, और लगभग छह महीने के प्रेम संबंध के बाद दिसंबर 2018 में परिवार की सहमति से शादी हुई। महिला का कहना है कि शादी की पहली रात से ही दहेज को लेकर ताने दिए जाने लगे। उसने यह भी आरोप लगाया कि पति ने एक डॉक्टर मित्र को घर बुलाकर गुड़ में दवा मिलाकर खिलाई, यह कहकर कि इससे लड़का होगा। दवा खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और गर्भपात की स्थिति उत्पन्न हो गई। महिला का यह भी आरोप है कि अधिकारी होने के कारण उसकी शिकायत दर्ज नहीं हुई।
एसडीएम का जवाब और वर्तमान स्थिति
राहुल चौहान ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पत्नी डेंगू के दौरान गंभीर हालत में वेंटीलेटर पर थी और दवाओं के प्रभाव से गर्भपात जैसी स्थिति बनी। उन्होंने यह भी कहा कि दहेज की मांग का सवाल ही नहीं है, क्योंकि यदि उन्हें दहेज चाहिए होता तो वे किसी बड़े घराने में शादी करते। एसडीएम ने यह भी बताया कि वे पिछले साढ़े तीन वर्षों से अलग होने के लिए कोर्ट में केस लड़ रहे हैं।
वहीं, महिला ने कहा है कि वह अभी भी अपने पति के साथ रहना चाहती हैं और शादी को बचाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और एडिशनल एसपी राजेश दंडोतिया ने पुष्टि की है कि सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।










