शिक्षा नीति पर धर्मेंद्र प्रधान का महत्वपूर्ण भाषण
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा को समाज में एक जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही शिक्षा का सुधार संभव नहीं है, बल्कि समाज का भी इसमें योगदान जरूरी है।
बच्चों के पोषण और शिक्षा के प्रति जागरूकता का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए पोषण अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल सरकारी नहीं है, बल्कि समाज का भी दायित्व है। उन्होंने समाज से अपील की कि वे गुलदस्ते पर खर्च होने वाले पैसे को फलों या पोषण सामग्री पर खर्च करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए गुजरात का उल्लेख किया, जहां फलों की टोकरी देने की पहल शुरू की गई है।
मध्य प्रदेश में बच्चों की पोषण स्थिति पर चिंता
धर्मेंद्र प्रधान ने मध्य प्रदेश के बच्चों की पोषण स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य के डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों में से लगभग 50 लाख बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने पांचवीं कक्षा तक सेब नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे बाजार में सेब देखते हैं तो यह उनके लिए सौभाग्य की बात है, लेकिन बहुत से बच्चे इसे खा नहीं पाते। उन्होंने यह भी बताया कि कई बच्चों को एक गिलास दूध भी समय पर नहीं मिल पाता है।











