धार की भोजशाला में पूजा और नमाज का टकराव: प्रशासन की सतर्कता
धार की प्रसिद्ध भोजशाला में 23 जनवरी को होने वाली पूजा और नमाज के समय में टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। 11वीं सदी के इस ऐतिहासिक स्मारक पर अधिकार को लेकर चल रहे विवाद के बीच इंदौर रेंज के आईजी (IG) अनुराग ने मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान, जिला प्रशासन ने शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए जनता से अपील की है। मुसलमान इस स्थल को मस्जिद मानते हैं, जबकि हिंदू इसे देवी सरस्वती का मंदिर बताते हैं।
सांप्रदायिक तनाव से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था और विवादित स्थल का निरीक्षण
भोजशाला में 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा करने के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है, वहीं मुस्लिम समुदाय ने शुक्रवार होने के कारण दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति की मांग की है। पिछले 23 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था के अनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इस ऐतिहासिक ढांचे की रक्षा का जिम्मा संभालता है। हिंदू समुदाय को हर मंगलवार को पूजा का अधिकार है, जबकि मुसलमान शुक्रवार को नमाज अदा कर सकते हैं। इस विवादित स्थल पर दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियों को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और विवादित स्थल का निरीक्षण
पत्रकारों से बातचीत में, आईजी अनुराग ने कहा कि धार में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी और शुक्रवार दोनों हैं, इसलिए त्योहारों को शांति और सद्भाव के साथ मनाने का आह्वान किया गया है। लगभग 8000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शामिल हैं। साथ ही, शहर में पेट्रोलिंग और CCTV निगरानी भी मजबूत की जाएगी।
मुस्लिम समुदाय ने भी भोजशाला चौकी पर ASI के महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 23 जनवरी को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी गई है। वहीं, आईजी अनुराग ने विवादित स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और संवेदनशील इलाकों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी, और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











