मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का खुलासा, सिम कार्ड घोटाले का पर्दाफाश
देवास जिले में पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी के मामले का खुलासा करते हुए दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक ही फोटो का उपयोग कर विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर कुल 84 सिम कार्ड जारी किए। कोतवाली थाना के प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अबरार उर्फ अरबाज उर्फ अब्दुल के रूप में हुई है, जो एक दूरसंचार कंपनी का एजेंट था।
सिम कार्ड जारी करने में मिलीभगत और अवैध लाभ
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी ने एक ही फोटो का इस्तेमाल कर कई व्यक्तियों के नाम पर सिम कार्ड जारी किए और इस तरीके से अवैध रूप से लाभ कमाया। इस मामले में उसके साथ कुछ अन्य व्यक्तियों की भी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पूरे गिरोह की जांच शुरू कर दी है।
84 सिम कार्डों में से केवल 16 ही फॉर्म मिले
भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के ‘ऑपरेशन F.A.C.E.’ के तहत देवास पुलिस ने इस फर्जी सिम कार्ड घोटाले का पर्दाफाश किया है। आरोपी अबरार देवास जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र के गंधर्वपुरी का निवासी है। पुलिस के अनुसार, उसने खुद और कुछ पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंटों की मिलीभगत से यह धोखाधड़ी की। आश्चर्य की बात है कि इन 84 सिम कार्डों में से केवल 16 ही ग्राहक आवेदन फॉर्म के रूप में उपलब्ध हो सके हैं।
पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने खुद 8 सिम कार्ड सत्यापित कर जारी किए, जबकि 8 अन्य सिम कार्ड एजेंटों के माध्यम से जारी कराए गए, जिनमें भी उसकी ही तस्वीर का इस्तेमाल हुआ। इस मामले में कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और दूरसंचार कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग किन गतिविधियों में किया जा रहा है।
देवास पुलिस ने सिम विक्रेताओं से अपील की है कि वे इस तरह के गैरकानूनी कार्यों से दूर रहें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










