सिवनी हवाला लूट का रहस्य: डिजिटल जासूसी का नया कदम
सिवनी में चर्चित हवाला लूट मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) अब इस जालसाजी के पीछे छुपे रहस्यमय ‘सर’ की पहचान करने के लिए डिजिटल जासूसी तकनीकों का सहारा ले रहा है। इस जाँच में सामने आया है कि लूट के आरोपी पुलिसकर्मी उस रात एक व्यक्ति से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से लंबी बातचीत कर रहे थे, जिसमें उन्हें ‘सर’ कहकर संबोधित किया गया था।
सीडीआर में नहीं मिली कॉल की जानकारी, शक हुआ व्हाट्सएप पर
पुलिस ने टेलीकॉम कंपनी से पूजा पांडे (CSP) के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मांगी, लेकिन उसमें किसी भी लंबी कॉल का कोई संकेत नहीं मिला। इससे पुलिस को संदेह हुआ कि संभवतः यह कॉल व्हाट्सएप (VoIP) के जरिए की गई थी। इस संदर्भ में, SIT ने अब मेटा (Meta) से पूजा पांडे के व्हाट्सएप कॉल का डेटा प्राप्त करने का प्रयास शुरू किया है, जो कैलिफ़ोर्निया (USA) से आने की उम्मीद है।
लोकेशन ट्रेसिंग और बयानबाजी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक पूजा पांडे का मोबाइल फोन सीलादेही बायपास के पास ही सक्रिय था, जहां वारदात हुई थी। इसी दौरान, दो कारोबारियों की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में पाई गई, जो लगभग 3 करोड़ रुपये लेकर जा रहे थे। वहीं, बालाघाट जिले में हॉक फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा का बयान दर्ज किया गया, जिन्होंने बताया कि उन्हें जबलपुर से नागपुर जाने वाली हवाला रकम की जानकारी दी गई थी। मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ‘सर’ या ‘मैडम’ जैसे संबोधन का प्रयोग नहीं करते, क्योंकि वह पूजा पांडे के बैच के ही हैं।
सभी जांच अधिकारी इस मामले में अभी भी गहराई से जांच कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि व्हाट्सएप से प्राप्त डेटा इस रहस्य को सुलझाने में मदद करेगा।











