इंदौर में लावारिस नवजात बच्ची का मामला सामने आया
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भेरूघाट स्थित एक मंदिर के पास से गुजर रही एक महिला के कदम अचानक रुक गए जब उसने एक कपड़े के झोले से रोने की आवाज सुनी। शुरुआत में महिला को समझ नहीं आया कि यह आवाज कहां से आ रही है, लेकिन जैसे-जैसे वह पास पहुंची, उसकी स्पष्टता बढ़ने लगी। झोले को देखकर उसकी आंखें फटी रह गईं, क्योंकि उसमें एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी थी।
मामले का खुलासा और बच्ची का सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण
यह घटना 3 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 8 बजे की है। मायाबाई नाम की महिला मंदिर दर्शन के लिए आई थीं, तभी उसकी नजर सुनसान जगह पर पड़े झोले पर पड़ी। झोले से आ रही रोने की आवाज सुनकर वह रुक गईं। जब उन्होंने झोले को खोला, तो उनके होश उड़ गए। उसमें कपड़ों में लिपटी एक नन्ही बच्ची थी, जो ठंड और भूख से बिलख रही थी। इस दृश्य को देखकर मायाबाई की आंखें भर आईं।
पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित कर मेडिकल जांच कराई
मायाबाई ने आसपास के लोगों को बुलाकर बच्ची को गोद में लिया और सुरक्षित स्थान पर बैठाया। शुरुआती तौर पर उन्होंने बच्ची का ध्यान रखा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। बाद में, 7 जनवरी 2026 को, उन्होंने मानपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस का मानना है कि बच्ची को जानबूझकर सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गए हैं। आशंका है कि बच्ची का जन्म हाल ही में हुआ था और देखभाल के अभाव में उसकी जान को खतरा हो सकता था। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराकर उसकी स्थिति का आकलन किया, जिसमें डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। अब उसे विजयनगर स्थित ‘मातृ छाया’ आश्रय गृह में रखा गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब बच्ची के माता-पिता या परिजनों की तलाश में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, और लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी को इस बच्ची या उसके परिवार से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। मानपुर पुलिस ने संपर्क नंबर भी जारी किए हैं ताकि बच्ची को उसके परिवार से मिलाया जा सके।











