मंदसौर में अफीम तस्करी का मामला: पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
मंदसौर जिले में अफीम तस्करी के एक मामले में 12वीं कक्षा के टॉप छात्र को झूठे आरोप में फंसाने का आरोप सामने आने के बाद पुलिस की कार्यवाही पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Indore Bench) में हुई, जहां एसपी विनोद कुमार मीणा ने मल्हारगढ़ पुलिस की कार्रवाई को अवैध करार दिया।
मामले की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस पूरे प्रकरण में, सोहनलाल नामक व्यक्ति ने 5 दिसंबर को याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने छात्र को चलती बस से जबरदस्ती उतारकर किडनैप किया और फिर 2.71 किलोग्राम अफीम दिखाकर झूठा मामला दर्ज किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का खुलासा
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान, एसपी विनोद कुमार मीणा ने स्वीकार किया कि मल्हारगढ़ पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से अवैध थी और जांच प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इनमें तत्कालीन स्टेशन इंचार्ज, दो सब-इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल शामिल हैं।
वकील हिमांशु ठाकुर ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ अगस्त में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि उनके क्लाइंट के पास से 2.71 किलोग्राम अफीम बरामद हुई थी। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आगे की जांच और पुलिस की जिम्मेदारी
एसपी मीणा ने स्पष्ट किया कि अफीम तस्करी के इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और पुलिस विभाग इस मामले में पूरी जिम्मेदारी से कार्रवाई कर रहा है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।











