मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से हुई 20 बच्चों की मौत
मध्य प्रदेश में खतरनाक कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से हुई बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस जहरीले सिरप का उपयोग केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं, बल्कि ओडिशा और पुडुचेरी में भी किया गया था। इस घातक सिरप के कारण 20 बच्चों की जान चली गई है, जबकि पांच बच्चे अभी भी गंभीर स्थिति में हैं।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और जांच का अपडेट
छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे ने बताया कि श्रीसन फार्मा (Sresan Pharmaceutical) के मालिक एस रंगनाथन को कल रात गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें तमिलनाडु के चेन्नई (Chennai) की एक अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्हें मध्य प्रदेश लाया जाएगा। इससे पहले, जांच अधिकारी ने जानकारी दी थी कि कंपनी का मालिक जांच शुरू होने से तीन दिन पहले ही परिसर छोड़कर भाग चुका था, लेकिन अब वह पकड़ में आ चुका है।
जांच और कार्रवाई का क्रम
मध्य प्रदेश पुलिस की सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने बुधवार को तमिलनाडु के कांचीपुरम में कंपनी की फैक्ट्री और कार्यालय का निरीक्षण किया। कांचीपुरम के सुंगुवरछत्रम में स्थित विनिर्माण संयंत्र को पहले ही सील कर दिया गया है। इस बीच, राज्य सरकार ने दो औषधि निरीक्षकों और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के एक उप निदेशक को निलंबित कर दिया है। साथ ही, छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को भी लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान और मौतों का कारण
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि दूषित कफ सिरप के सेवन से मध्य प्रदेश में अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है। इन मौतों का मुख्य कारण जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण किडनी फेलियर है। साथ ही, पांच बच्चे अभी भी गंभीर स्थिति में हैं, जिनका इलाज जारी है। यह मामला स्वास्थ्य और औषधि सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है, और जांच जारी है।









