मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप का मामला और जांच का विस्तार
मध्य प्रदेश में 22 बच्चों की जान लेने वाले जहरीले कफ सिरप Coldrif के मामले में जांच का दायरा अब और व्यापक हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को चेन्नई में कम से कम सात स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस की FIR और तमिलनाडु में रिश्वतखोरी के मामले में दर्ज FIR को ध्यान में रखते हुए की गई है।
ED की कार्रवाई और संदिग्ध संस्थान
ED ने श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के प्रमुख कर्मचारियों और तमिलनाडु औषधि प्रशासन (TNFDA) के गिरफ्तार प्रभारी निदेशक पीयू कार्तिकेयन के परिसरों की तलाशी ली। कार्तिकेयन को जुलाई में रिश्वतखोरी के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार, मिलावटी कफ सिरप की बिक्री से प्राप्त लाभ PMLA के तहत अपराध की आय है, और एजेंसी इस संबंध में सबूत जुटाने में लगी हुई है।
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Coldrif सिरप का ओडिशा और पुडुचेरी में भी वितरण हुआ था, यह बड़ा खुलासा है। इसके अलावा, दो साल पहले ही इस सिरप पर निर्देश दिए गए थे, लेकिन कंपनी ने इन निर्देशों को अनसुना कर दिया। साथ ही, Coldrif के अलावा तीन अन्य सिरप भी फेल हुए हैं, जिसके कारण मध्य प्रदेश सरकार गुजरात को पत्र लिखने की तैयारी कर रही है।
जहरीली सामग्री और कानूनी कार्रवाई
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 22 बच्चों की मौत का कारण बना जहरीला Coldrif सिरप में 48.6 प्रतिशत डाईएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया था। यह खतरनाक रसायन बच्चों की किडनी फेल होने का कारण बना। CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization) ने बताया कि श्रीसन फार्मास्युटिकल्स ने 2011 में लाइसेंस प्राप्त करने के बावजूद, खराब बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय औषधि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया।
सरकार की सख्त कार्रवाई और परिणाम
इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। तमिलनाडु सरकार ने भी कंपनी का लाइसेंस रद्द कर उसे बंद कर दिया है। साथ ही, मध्य प्रदेश सरकार ने दो ड्रग इंस्पेक्टर और FDA के डिप्टी डायरेक्टर को सस्पेंड कर दिया, और राज्य के ड्रग कंट्रोलर का तबादला किया। तमिलनाडु सरकार ने भी दो वरिष्ठ ड्रग इंस्पेक्टरों को निलंबित किया है।











