मध्य प्रदेश में आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि भोपाल जिले की हुजूर तहसील के टूमड़ा गांव में अत्याधुनिक आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण केंद्र (Anti-Terror Training Center) स्थापित किया जाएगा। यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लिया गया है।
सीएम यादव ने यह घोषणा भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कार्यक्रम में भाग लेते हुए की। इस अवसर पर उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस के कर्मियों के कौशल विकास के लिए एक संयुक्त प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया।
सुरक्षा के नए केंद्र से आतंकवाद से मुकाबला मजबूत होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि टूमड़ा गांव में स्थापित यह अत्याधुनिक केंद्र आतंकवादी गतिविधियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए तैयार किया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से सुरक्षा बलों को उग्रवादी खतरों और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यादव ने जोर देते हुए कहा कि यह पहल राज्य की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस केंद्र से न केवल आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि काउंटर-टेररिस्ट ग्रुप (CTG) जैसी इकाइयों को भी आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस किया जाएगा। यादव ने कहा कि लंबे समय से आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद विकास में बाधा बने हुए थे, लेकिन अब मध्य प्रदेश इन खतरों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। सुरक्षा बलों की मेहनत और समर्पण के कारण भारत आज विश्व के तीन सबसे शक्तिशाली देशों की सूची में शामिल है।
NSG का देश की आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच बताया। उन्होंने कहा कि यह विशेष टेररिज्म काउंटर फोर्स देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। NSG कर्मियों ने हर उग्रवादी घटना का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों से निपटने में अपनी तत्परता का प्रदर्शन किया है, जिससे नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिला है।
यादव ने यह भी कहा कि NSG देश के भीतर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और इसके कर्मी अपने जीवन की परवाह किए बिना देश की रक्षा में समर्पित रहते हैं। इन कर्मियों की अनुशासन और तकनीकी विशेषज्ञता विश्व स्तर पर प्रशंसित है, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाती है।










