छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत का मामला और जांच की स्थिति
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 22 बच्चों की मौत ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। इस दुखद घटना के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन बच्चों की मौत संदिग्ध रूप से किडनी फेल्योर से हुई है, जो विषाक्त कफ सिरप से जुड़ी हो सकती है। इस मामले में संबंधित फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसकी हिरासत में पूछताछ जारी है।
रंगनाथन की गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी
एसआईटी ने भारी सुरक्षा के बीच रंगनाथन को चेन्नई (Chennai) से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर परासिया (Parasia) के कोर्ट में पेश किया। इस दौरान आरोपी को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। कोर्ट में जब आरोपी को लाया गया, तो भीड़ ने ‘फांसी दो’ के नारे लगाए। इस घटना के दौरान आरोपी का चश्मा गिर गया, जिससे उसकी पेशी और भी विवादित हो गई। पुलिस ने आरोपी से लंबी पूछताछ की और मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
सरकारी कार्रवाई और जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तुरंत ही संबंधित फैक्ट्री को सील कर दिया है और जांच को तेज कर दिया है। साथ ही, दो ड्रग इंस्पेक्टर और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के उप निदेशक को निलंबित कर दिया गया है। ड्रग कंट्रोलर का तबादला भी किया गया है। डॉक्टर प्रवीण सोनी, जिन पर लापरवाही का आरोप था, को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद मेडिकल समुदाय ने भी विरोध में काली पट्टियां बांधकर अपना विरोध जताया है।











