मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली मिठाई का पर्दाफाश
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में सामने आए विवादित ‘जहरीली मिठाई कांड’ का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, और अब पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर साजिश का पूरा मामला उजागर किया है।
घटना की शुरुआत 8 जनवरी की रात को हुई, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने जुन्नारदेव के पीएचई कार्यालय के गेट पर हरे रंग के थैले में सब्जी, नमकीन और मिठाई रख दी। अगले दिन 9 जनवरी को कार्यालय के चौकीदार दशरू यादववंशी ने उस मिठाई के कुछ टुकड़े खाए, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मिठाई में जहर मिलने का खुलासा और जांच
इसके बाद 10 जनवरी को चाय ठेले वाले मुकेश कथुरिया की पत्नी संतोषी ने बची हुई मिठाई घर ले जाकर अपने ससुर सुंदरलाल और बेटियों खुशबू व पूजा के साथ खा ली। इन सभी की हालत बिगड़ गई, और इलाज के दौरान 13 जनवरी को सुंदरलाल तथा 14 जनवरी को खुशबू की मौत हो गई।
पुलिस ने वैज्ञानिक जांच के तहत मिठाई को फूड लैब भेजा, जहां पता चला कि उसमें आर्सेनिक की मात्रा मानक से कई गुना अधिक थी। जांच में यह भी सामने आया कि जहर ‘सोमल’ नामक दवा से मिलाया गया था, जो घोड़ों के इलाज में इस्तेमाल होती है।
साजिश का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने जब खुशबू के ससुरालवालों से पूछताछ की, तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 5 जनवरी को रेकी की और 8 जनवरी की रात मिठाई में सोमल दवा मिलाकर उसे जहरीला बना दिया। फिर इसे पीएचई कार्यालय के गेट पर रख दिया गया।
पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 103(1), 109(1) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया है। रविवार शाम को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड भी हासिल कर लिया है।











