मध्य प्रदेश में सोने के सिक्कों का खजाना मिलने का मामला
छतरपुर जिले के एक गांव में अचानक ही सोने के प्राचीन सिक्कों की खोज ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। यह घटना उस समय हुई जब द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी की खुदाई की जा रही थी। बारिश की बूंदें पड़ते ही मिट्टी में दबे सोने के सिक्के चमकने लगे, जिससे ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित हुआ। इसके बाद उन्होंने रातभर खुदाई शुरू कर दी, और जैसे ही जानकारी पुलिस तक पहुंची, मौके पर पुलिस टीम भी पहुंच गई। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें लगभग 500 साल पुराने सोने के सिक्के मिले हैं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
खुशखबरी और ग्रामीणों की उत्सुकता
खबरें हैं कि बमीठा थाना क्षेत्र के राजगढ़ गांव में पुरातन खजाने की खोज की चर्चा तेजी से फैल गई। देखते ही देखते, खुदाई के लिए गांववासी एकत्रित हो गए और मिट्टी खोदने का सिलसिला शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि यह खुदाई उस जगह हो रही थी जहां राजगढ़ किले के पास ओबेरॉय पैलेस के स्टाफ क्वार्टर बनाए जा रहे थे। मिट्टी की खुदाई के दौरान मलबा बाहर फेंका जा रहा था, और इसी दौरान एक दिन बारिश के समय मिट्टी में उभरकर आए सोने के सिक्कों को देखकर पूरे गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई।
खबरों का सच और खजाने की खोज
सरपंच रमेश प्रसाद बिल्ला ने बताया कि बसंत पंचमी के मेले के मद्देनजर गांव की जमीन को समतल किया गया था। इस काम के लिए एक ट्रॉली में काली मिट्टी मंगाई गई थी, जिसे लक्ष्मी घोषी के घर में डाला गया। बाद में, जेसीबी मशीन से जमीन को समतल किया गया। इसी दौरान, बारिश के समय लक्ष्मी की बेटी की नजर मिट्टी में उभरकर आए सोने के सिक्कों पर पड़ी। धीरे-धीरे यह खबर फैल गई और गांव में खजाने की खोज का सिलसिला शुरू हो गया। ग्रामीणों ने झूठ बोलते हुए कहा कि सोने की कील गिर गई है, इसलिए वे खुदाई कर रहे हैं। बाद में पता चला कि कई ग्रामीणों को पुरानी सिक्कों का संग्रह मिला है, जिनके नाम अभी ज्ञात नहीं हैं।










