मध्य प्रदेश में पंचायत अधिकारी की बड़ी गलती का खुलासा
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक प्रशासनिक गलती ने सभी को चौंका दिया है। महतौल गांव के पंचायत सचिव पर बिना आवश्यक दस्तावेज और सबूतों के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप लगा है। इस गलती के कारण उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
जांच में सामने आया तथ्य और कार्रवाई
जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने आदेश जारी कर बताया कि पंचायत सचिव प्रेमचंद रायकवार ने अंजुम खान को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया, जबकि महतौल गांव में कोई मुस्लिम परिवार मौजूद नहीं है। जांच में यह भी पता चला कि बिना किसी वैध दस्तावेज के यह प्रमाण पत्र जारी किया गया था। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह प्रमाण पत्र 24 सितंबर को जारी किया गया था, जबकि अंजुम खान का जन्म 11 फरवरी 2008 को हुआ था। नियम के अनुसार, एक वर्ष से पुराने जन्म प्रमाण पत्र बिना अनुमति जारी नहीं किए जा सकते।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पंचायत सचिव प्रेमचंद रायकवार का यह कृत्य मध्य प्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के तहत कदाचार माना जाएगा। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम 4(1)(क) के तहत उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। पंचायत सचिव एक सरकारी अधिकारी होता है, जो ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करता है।











