बागेश्वर धाम सरकार का हिंदू एकता पर जोर
बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने अनूठे अंदाज में हिंदू समाज को एकजुट होने का संदेश दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ की सेवाओं की प्रशंसा की और देश में हिंदुओं की वर्तमान स्थिति का श्रेय संघ की कार्यशैली को दिया।
शास्त्री ने मंच से कहा, “अगर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं होता तो शायद ही कोई हिंदू सुरक्षित रहता। डॉक्टर हेडगेवार की परंपरा ने अभूतपूर्व कार्य किया है। गांव-गांव, गली-गली में हिंदू समाज को एकजुट करने का प्रयास किया गया।” यह बात उन्होंने अपने गृह जिले छतरपुर के बड़े मलहरा के हिंदू एकता मंच पर कही।
हिंदू समाज की एकता और संघ का योगदान
बागेश्वर बाबा ने गर्व के साथ बताया कि आज भारत RSS का शताब्दी वर्ष मना रहा है। उन्होंने कहा कि इस 100 वर्षों की तपस्या ने ही हिंदू समाज को संगठित होने का साहस प्रदान किया है। शास्त्री ने यह भी कहा कि ताकत का मतलब है एकता, क्योंकि बिना एकता के अस्तित्व संभव नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हिंदू समाज जातियों, भाषावाद और क्षेत्रवाद में विभाजित रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी बांग्लादेश जैसी स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि एकता नहीं बनी, तो ऐसी परिस्थितियां न केवल सीमा पार बल्कि मध्य प्रदेश और छतरपुर जिले तक भी पहुंच सकती हैं।
देश और समाज के लिए चेतावनी और भविष्य की आशाएं
धीरेंद्र शास्त्री ने वर्तमान देश की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हिंदू समाज अपने अंदर विभाजन जारी रखता है, तो देश में अस्थिरता आ सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एकता ही शक्ति है, और यही शक्ति देश को मजबूत बनाने का आधार है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि हम अभी भी जागरूक नहीं हुए, तो आने वाले समय में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।










