मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण भारतीयों में बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में जारी हिंसक संघर्ष के चलते वहां रह रहे हजारों भारतीय नागरिकों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाले पीएचडी छात्र संजय मिश्रा इन दिनों अत्यंत चिंतित हैं। उनके छोटे भाई शैलेंद्र, जो कि इजराइल में रिसर्च स्कॉलर हैं, वहां फंसे हुए हैं।
संजय मिश्रा ने ‘आजतक’ से बातचीत में बताया कि उनके भाई शैलेंद्र को आगामी नवरात्रि में भारत लौटने की योजना थी, लेकिन अचानक बिगड़ते हालात ने सब कुछ बदल कर रख दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से आग्रह किया है कि फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
शैलेंद्र का वीडियो संदेश और भारतीयों का भरोसा
इजराइल से शैलेंद्र ने अपने परिवार और भारत सरकार को आश्वस्त करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में भी वे अपने परिवार और देश के प्रति आश्वस्त हैं। संजय मिश्रा ने बताया कि उनके भाई ने वीडियो में कहा कि वे हर स्थिति का सामना कर सकते हैं और भारतीय सरकार पर उनका भरोसा अटूट है।
शैलेंद्र ने यह भी कहा कि युद्ध की परिस्थितियां उन्हें डराती हैं, लेकिन उनके परिवार वाले अधिक चिंतित हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके पास हर जरूरी सुविधा मौजूद है, जैसे बंकर और अलर्ट सिस्टम, जिससे मिसाइल हमले के दौरान वे सुरक्षित रहते हैं।
भारतीय छात्रों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर सरकार की पहल
इजराइल में वर्तमान में हजारों भारतीय छात्र और कामगार मौजूद हैं। हालांकि शैलेंद्र जैसे साहसी छात्र अपने देश की सुरक्षा का भरोसा जताते हैं, लेकिन उनके परिवार हर पल टीवी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए हैं और उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
संजय मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार पूरी तरह से उनके साथ है और यदि उन्हें लगेगा कि उनके नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो तुरंत उन्हें वहां से निकाल लिया जाएगा। भारतीय सेना और रक्षा तंत्र पर उनका भरोसा अटूट है। इस बीच, भारतीय अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर लाया जा सके।











