विवादित होर्डिंग्स से बढ़ी राजनीतिक तकरार
देश में त्योहारों का उत्सव अब विवादों का केंद्र बनता जा रहा है, जहां नवरात्रि, करवाचौथ और दीपावली जैसे पारंपरिक अवसरों पर विभिन्न संगठनों द्वारा लगाए गए नारों ने नई बहस को जन्म दिया है। खासकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा भोपाल में लगाए गए होर्डिंग्स ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। इन होर्डिंग्स पर लिखा है- “अपना त्योहार, अपने से व्यवहार” और “दीपावली की खरीदारी उनसे करें जो आपकी खरीदारी से दीपावली मना सकें।” इन नारों को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है, जहां इसे ‘अपनों से व्यवहार या दूसरों से बहिष्कार’ के रूप में देखा जा रहा है।
होर्डिंग्स का मकसद और संगठन की सफाई
विवादित होर्डिंग्स को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रचार प्रमुख जितेंद्र चौहान ने स्पष्ट किया है कि इन पोस्टर्स का मुख्य उद्देश्य हिंदू दुकानदारों, व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों का समर्थन करना है। उनका कहना है कि यह कदम त्योहार के दौरान इन व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए है, ताकि वे भी दीपावली का त्योहार खुशियों के साथ मना सकें। उन्होंने यह भी बताया कि इन नारों का मकसद किसी भी तरह का सामाजिक विभाजन या विवाद फैलाना नहीं है, बल्कि यह केवल त्योहार की खुशियों को बढ़ावा देने का प्रयास है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विवाद के चलते राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ का मानना है कि इन नारों से सामाजिक सौहार्द्रता प्रभावित हो सकती है, जबकि अन्य इसे त्योहारों की गरिमा को बनाए रखने का प्रयास मानते हैं। इस बीच, यह भी देखा गया है कि इससे पहले नवरात्रि के दौरान ‘गरबा जिहाद’ के नाम पर मुस्लिम प्रवेश पर रोक लगाने की मुहिम चली थी, और करवाचौथ के अवसर पर हिंदू संगठनों ने मेहंदी लगाने का आह्वान किया था। इन घटनाओं ने देश में सांप्रदायिक सद्भाव और त्योहारों की पवित्रता को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।











