भोपाल में गोमांस निर्यात का खुलासा, राजनीतिक हलचल तेज
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जिंसी स्लॉटर हाउस में गोमांस के निर्यात की पुष्टि होने के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। इस खबर ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, खासकर भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों ने तीखे सवाल उठाए हैं। जिंसी स्लॉटर हाउस में हुई इस कार्रवाई ने न केवल पशु संरक्षण के मुद्दे को उजागर किया है, बल्कि गोवंश की तस्करी पर रोक लगाने में सरकार की नाकामी को भी सामने लाया है।
बयानबाजी और पशु संरक्षण को लेकर विवाद
गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गाय को राजनीति का हथियार बनाना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि गाय मूक प्राणी है, इसलिए उसका शोषण किया जा रहा है। शाक्य ने आरोप लगाया कि न तो चरनोई भूमि सुरक्षित है और न ही गायें बचाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गाय के नाम पर राजनीति तो खूब होती है, लेकिन असल में गायों की स्थिति खराब हो रही है। उनका मानना है कि आज के समय में गायों के लिए जगह भी कम पड़ गई है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है।
पशु तस्करी का खुलासा और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मामला 15-16 दिसंबर की रात को शुरू हुआ, जब एक बड़े पशु तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हुआ। बैतूल से भोपाल भेजे जा रहे दो कंटेनरों को हिंदू संगठनों ने पकड़ लिया, जिनमें 160 बछड़े बेरहमी से भरे हुए थे। इन कंटेनरों को जहांगीराबाद पुलिस को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि भोपाल से लगभग 26 टन गोमांस मुंबई (Mumbai) निर्यात किया जा चुका है। जिंसी स्लॉटर हाउस में हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भाजपा सरकार के बावजूद गोवंश की तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही है, जिससे हिन्दू संगठनों में नाराजगी व्याप्त है। इस पूरे प्रकरण ने पशु संरक्षण और तस्करी के खिलाफ सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।











