भोपाल में इज्तिमा को लेकर विवाद और आरोप
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इज्तिमा को लेकर हाल ही में विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस वर्ष के आयोजन में गैर-मुस्लिमों को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर अब सद्भाव कहां चला गया है।
इज्तिमा कमेटी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि इस बार भी किसी धर्म के लोगों को प्रवेश या दुकान लगाने से रोक नहीं है। कमेटी का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी सभी धर्मों के श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में भाग ले सकते हैं।
पिछले साल के विवाद और धार्मिक आयोजन का इतिहास
इस साल की शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ में भी गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर विवाद हुआ था। उस समय बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र शास्त्री समेत कई साधु-संतों ने गैर हिंदुओं के कुंभ में आने पर आपत्ति जताई थी।
अब इसी तरह का विवाद मध्यप्रदेश की राजधानी में भी सामने आया है, जहां मुसलमानों के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन इज्तिमा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
आरोप और जवाब: दुकान न लगाने का दावा
भोपाल की हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया है कि इस बार के इज्तिमा में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं को इस आयोजन में दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
तिवारी ने कहा, “जब हम अपने त्योहारों, व्यापार और व्यवहार की बात करते हैं तो इसका विरोध क्यों किया जाता है? मुस्लिम नेता सांप्रदायिक सद्भाव की बात करते हैं, लेकिन अब सद्भाव कहां गया? हिंदुओं को भी चाहिए कि वे इस इज्तिमा में जाकर दुकान न लगाएं।”
वहीं, इज्तिमा कमेटी ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। मीडिया संपर्क अधिकारी उमर हाफिज ने कहा, “इस आयोजन में किसी भी धर्म या जाति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। हमने पिछले वर्षों में भी हिंदू भाइयों को दुकानें दी हैं और इस बार भी देंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि आसपास के हिंदू व्यापारी पहले से ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
मुस्लिम संगठनों का समर्थन और आयोजन का महत्व
इज्तिमा भारत में केवल भोपाल में ही आयोजित होता है। विवाद बढ़ने के बाद मुस्लिम संगठनों ने भी इस मुद्दे में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग गैर-मुस्लिमों के दुकान लगाने पर रोक का दावा कर रहे हैं, उन्हें न्यौता देकर बुलाया जाएगा।
मुस्लिम त्योहार कमेटी के संयोजक शमसुल हसन ने कहा, “कुंभ में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन करने का बयान देने वाले लोग यहां आकर देखें कि हर बार की तरह इस बार भी सभी का स्वागत होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं को हर बार की तरह इस बार भी इज्तिमा में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
बता दें कि भारत में इज्तिमा का आयोजन केवल भोपाल में ही होता है। यह आयोजन देश-विदेश से मुसलमानों को धर्म की शिक्षा प्राप्त करने और सिखाने का अवसर प्रदान करता है। दुनिया के केवल तीन देशों भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में ही इस तरह के धार्मिक आयोजन होते हैं। इस साल का इज्तिमा 14 से 17 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें लाखों मुसलमान भाग लेंगे।











