भोपाल के जेपी जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति में गंभीर लापरवाही
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जेपी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ा संकट सामने आया है। शनिवार सुबह अस्पताल में ऑपरेशन शुरू होने से ठीक पहले बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि आपातकालीन बैकअप के रूप में मौजूद जनरेटर में डीजल की कमी के कारण वह काम नहीं कर सका, जिससे अस्पताल लगभग एक घंटे तक अंधकार में डूबा रहा।
बिजली कटौती का असर और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
घटना के समय अस्पताल में छह से अधिक मरीजों का डायलिसिस चल रहा था, जो बिजली बंद होने के कारण अचानक रुक गया। करीब बीस से पच्चीस मिनट तक डायलिसिस मशीनें बंद रहीं, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। जब स्टाफ जनरेटर रूम पहुंचा, तो पता चला कि फ्यूल टैंक खाली था और लो फ्यूल की चेतावनी झिलमिला रही थी।
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही सीएमएचओ मनीष शर्मा ने अस्पताल प्रबंधक प्रेमचंद गुप्ता को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत डीजल मंगवाने का निर्देश दिया। शर्मा ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में खराबी के कारण बिजली चली गई थी और जनरेटर में डीजल न होने से बैकअप सिस्टम काम नहीं कर सका। अब जनरेटर चालू कर दिया गया है।
शर्मा ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रबंधक को लापरवाही के मामले में नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की तैयारियों और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।










