मध्य प्रदेश के बैतूल में महिला को इलाज के लिए जद्दोजहद का सामना
बैतूल जिले में एक महिला को अपने बेटे के उपचार के लिए चार घंटे तक अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। इस दौरान उसे कोई भी अस्पताल उसकी मदद के लिए तैयार नहीं मिला। जब उसने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, तभी उसकी बात सुनी गई और बच्चे का उपचार संभव हो पाया। इस घटना ने प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
इलाज न मिलने का कारण और महिला का अनुभव
सारिका मिस्त्री ने बताया कि उसके बेटे को साइकिल चलाते समय गिरने से पैर के अंगूठे में चोट लगी थी। रात के समय वह पहले सरकारी अस्पताल गई, फिर एक निजी अस्पताल का रुख किया, लेकिन वहां भी डॉक्टर नहीं मिले। अंत में वह घोड़ाडोंगरी के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, जहां भी उसकी मदद नहीं हो सकी। चार घंटे तक भटकने के बाद जब उसने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, तभी उसकी बात सुनी गई और बच्चे का टांका लगाया गया।
प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य की योजनाएं
बैतूल के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि महिला को तीन अस्पतालों में भटकना पड़ा और इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी शिकायतों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके।











